मोहब्बत के खर्चो की बड़ी लंबी कहानी है,
कभी फिल्म दिखानी है तो कभी शोपिंग करानी है,
मास्टर रोज कहता है कहाँ है फीस के पैसे?
उसे समझाऊं मैं कैसे की मुझे छोरी पटानी है!!
कभी फिल्म दिखानी है तो कभी शोपिंग करानी है,
मास्टर रोज कहता है कहाँ है फीस के पैसे?
उसे समझाऊं मैं कैसे की मुझे छोरी पटानी है!!