महाजे-जुवानी जंग पर अक्सर कुछ खोना पड़ता है, किसी पत्थर से टकराने को पत्थर होना पड़ता है, अभी तक नींद से पूरी तरह रिश्ता नही टूटा, अभी आँखों को कुछ ख्वाबों की खातिर सोना पड़ता है ।