अगर हम नही होते तो ग़ज़ल कौन कहता
अगर हम नही होते तो ग़ज़ल कौन कहता
.
आपके चेहरे को कमल कौन कहता
ये तो करिश्मा है मोहब्बत का
वरना पत्थरों की ईमारत को ताजमहल कौन कहता।
अगर हम नही होते तो ग़ज़ल कौन कहता
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आपके चेहरे को कमल कौन कहता
ये तो करिश्मा है मोहब्बत का
वरना पत्थरों की ईमारत को ताजमहल कौन कहता।