शिव शंकर का गुणगान करो,
शिव भक्ति का रसपान करो।
जीवन ज्योतिर्मय हो जाए,
जो तिर्लिंगो का धयान करो॥
उसने ही जगत बनाया है,
कण कण में वोही समाया है।
दुःख भी सुख सा ही बीतेगा,
सर पे जब शिव का साया है ।
बोलो हरि हरि हरि महादेव,
हर मुश्किल को आसान करो ॥
शंकर तो हैं अन्तर्यामी,
भक्तो के लिए सखा से हैं ।
भगवान् भाव के भूखे हैं,
भगवान् प्रेम के प्यासे हैं ।
मन के मंदिर में इसी लिए शिव मंदिर
का निर्माण करो ॥
शिव भक्ति का रसपान करो।
जीवन ज्योतिर्मय हो जाए,
जो तिर्लिंगो का धयान करो॥
उसने ही जगत बनाया है,
कण कण में वोही समाया है।
दुःख भी सुख सा ही बीतेगा,
सर पे जब शिव का साया है ।
बोलो हरि हरि हरि महादेव,
हर मुश्किल को आसान करो ॥
शंकर तो हैं अन्तर्यामी,
भक्तो के लिए सखा से हैं ।
भगवान् भाव के भूखे हैं,
भगवान् प्रेम के प्यासे हैं ।
मन के मंदिर में इसी लिए शिव मंदिर
का निर्माण करो ॥